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2026

बस है तू

बस है तू

मैं से हम बने तो, वफ़ा का निशान बन गया
पा कर साथ दीवाना तेरा, फिर इंसान बन गया
मेरे दिल की इस बस्ती में, बस तेरा मकान बन गया
तू खिली धूप सी, मैं अंधियारे से अंजान बन गया
मेरी जान तू ही है, और मेरा ख्वाब बस है तू
हाँ... मेरे जीने का अंदाज़ बस है तू

दुनिया की उस रफ़्तार में, शोर एक तूफ़ान बन गया
तेरी खूबसूरत आँखों में, सुकूँ मेरा जहान बन गया
अक्सर सवालों से घिरा, जब मन परेशान बन गया
तेरा दीदार तेरे आशिक पर, रब का अहसान बन गया
मेरी जान तू ही है, और मेरी सोच बस है तू
हाँ... मेरे जीने की दुआ बस है तू

तेरे प्यार से, भरोसे से, मैं भी कुछ आलीशान बन गया
तेरी प्रीत में लिखा ये गीत, बस मेरी पहचान बन गया
तू मेरी ज़मीन, और मैं तेरा आसमान बन गया
तू हुई हमसफर, तो सफर जिंदगी का आसान बन गया
मेरी जान तू ही है, और मेरा जमीर बस है तू
हाँ... मेरे जीने का यकीन बस है तू

मिला तेरा सहारा तो, हर मंज़र सुहाना बन गया
तेरी आवाज़ में ढल के अमर, ये मेरा संगीत बन गया
हमारे आशियाने का, कितना हसीन ये अतीत बन गया
फ़साना वफ़ा और वादों का, आज एक मिसाल बन गया
मेरी जान तू ही है, और मेरी मुस्कान बस है तू
हाँ... मेरे जीने की वजह बस है तू

और हाँ...
मेरे जीने का... सबसे बड़ा...
मक़सद बस थी तू...
मक़सद बस है तू...
मक़सद बस रहेगी तू।

-अंकित।

नव वर्ष 2026 - एक नई नींव

नव वर्ष 2026 - एक नई नींव

साक्षी रहा है बीता साल, जंग की आग और हवा की कड़वाहट का,
इंसानी शोर में दब के रह गया, सुख पक्षियों और मूक प्रणियों का।
पर शायद 2025 के उस अंधेरे ने, हमें फिर से याद दिलाया है,
कि 'शांति' की नींव के बिना, हर महल बस एक मांया है।

अभिलाषा है कि 2026 का सूरज, नफ़रत के हर अंधेरे को छाँट दे,
इंसान सीमाओं के पार भी, बस प्रेम का एक आँगन बाँट दे।
हमारी पीढ़ी के हर फैसले में, अब बच्चों के भविष्य का मान हो,
आने वाली नस्लों के लिए सुरक्षित, ये धरती और ये आसमान हो।

सिर्फ इमारतों का ही नहीं, हम प्रकृति का भी दिल से सत्कार करें,
इस साझी ज़मीन के हर जीव से, हम निस्वार्थ भाव से प्यार करें।
दौड़ती हुई इस दुनिया में, बस सादगी के कुछ पल मिल जाएँ,
अच्छी सेहत और छोटी बड़ी खुशियों के, नए फूल आँगन में खिल जाएँ।

प्रार्थना है कि 2026 एक ऐसा साल बने...
जहाँ नफ़रत कम हो और प्रेम ज़्यादा हो,
जहाँ अमन सारे राजनेताओं का इरादा हो।
जहाँ हर दिल में उम्मीद की मशाल जले,
जहाँ बस अमन और चैन की मिसाल चले।

नूतन वर्ष मंगलमय हो।

-अंकित।