नव वर्ष 2026 - एक नई नींव
नव वर्ष 2026 - एक नई नींव
साक्षी रहा है बीता साल, जंग की आग और हवा की कड़वाहट का,
इंसानी शोर में दब के रह गया, सुख पक्षियों और मूक प्रणियों का।
पर शायद 2025 के उस अंधेरे ने, हमें फिर से याद दिलाया है,
कि 'शांति' की नींव के बिना, हर महल बस एक मांया है।
अभिलाषा है कि 2026 का सूरज, नफ़रत के हर अंधेरे को छाँट दे,
इंसान सीमाओं के पार भी, बस प्रेम का एक आँगन बाँट दे।
हमारी पीढ़ी के हर फैसले में, अब बच्चों के भविष्य का मान हो,
आने वाली नस्लों के लिए सुरक्षित, ये धरती और ये आसमान हो।
सिर्फ इमारतों का ही नहीं, हम प्रकृति का भी दिल से सत्कार करें,
इस साझी ज़मीन के हर जीव से, हम निस्वार्थ भाव से प्यार करें।
दौड़ती हुई इस दुनिया में, बस सादगी के कुछ पल मिल जाएँ,
अच्छी सेहत और छोटी बड़ी खुशियों के, नए फूल आँगन में खिल जाएँ।
प्रार्थना है कि 2026 एक ऐसा साल बने...
जहाँ नफ़रत कम हो और प्रेम ज़्यादा हो,
जहाँ अमन सारे राजनेताओं का इरादा हो।
जहाँ हर दिल में उम्मीद की मशाल जले,
जहाँ बस अमन और चैन की मिसाल चले।
नूतन वर्ष मंगलमय हो।
-अंकित।